Sport

  • 24-Oct-2020
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शारजाह। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स का अपने बल्लेबाजों के शर्मनाक समर्पण के कारण आईपीएल-13 में सफर लगभग समाप्त हो गया है। चेन्नई को मुंबई इंडियंस के हाथों शुक्रवार को 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा और वह आईपीएल प्लेऑफ से बाहर होने के कगार पर पहुंच गई है।

तीन बार की विजेता और पांच बार की उपविजेता चेन्नई आईपीएल में जब भी खेली, प्लेऑफ में पहुंची लेकिन यह पहला मौका लग रहा है जब धोनी की दिग्गज टीम प्लेऑफ में नहीं दिखाई देगी।

चेन्नई ने चैंपियन मुंबई को उद्घाटन मैच में हराकर टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की थी लेकिन उसके बाद उसके प्रदर्शन में लगातार गिरावट आती चली गई। मुंबई ने इस जीत से चेन्नई से उद्घाटन मैच की हार का बदला चुका लिया। चेन्नई को अपने शेष मैच तीन मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे और उम्मीद करनी होगी कि चार और टीमें भी 12 के स्कोर पर आकर रुकें लेकिन मौजूदा प्रदर्शन चेन्नई के लिए कोई उम्मीद नहीं जगाता है।

चेन्नई को अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के कारण शर्मनाक समर्पण के कारण शर्मसार होना पड़ा। हालांकि चेन्नई ने सैम करेन की 52 रन की साहसिक पारी की बदौलत 20 ओवर में नौ विकेट पर 114 रन बनाए लेकिन यह स्कोर ऐसा नहीं था कि मुंबई के सामने कोई परेशानी खड़ी हो पाती। मुंबई ने अपने ओपनरों ईशान किशन (नाबाद 68) और क्विंटन डी कॉक (नाबाद 46) की शानदार पारियों से 12.2 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 116 रन बनाकर एकतरफा जीत हासिल की।

मुंबई की 10 मैचों में यह सातवीं जीत है और उसके 14 अंक हो गए हैं। मुंबई की टीम तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गयी है। हालांकि दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के भी 14-14 अंक हैं लेकिन मुंबई का नेट रन रेट बेहतर है जिससे वह पहले, दिल्ली दूसरे और बेंगलूरु तीसरे स्थान पर है। दूसरी तरफ चेन्नई की 11 मैचों में यह आठवीं हार है और वह छह अंकों के साथ आठवें और अंतिम स्थान पर है।

मुंबई के लिए किशन ने 37 गेंदों पर नाबाद 68 रन में छह चौके और पांच छक्के लगाए जबकि डी कॉक ने 37 गेंदों पर नाबाद 46 रन में पांच चौके और दो छक्के लगाए। इस जीत के बाद मुमबई अब प्लेऑफ से एक जीत दूर रह गई है।

इससे पहले मुंबई ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का सही फैसला किया और चेन्नई की खौफनाक शुरुआत हुई। चेन्नई के चार विकेट तो मात्र तीन रन तक तीसरे ओवर में गिर गए। चेन्नई का पांचवां विकेट 21 के स्कोर पर रवींद्र जडेजा के रूप में गिरा। चेन्नई के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब उसने पॉवरप्ले में पांच विकेट गंवाए।

रुतुराज गायकवाड को इस मैच में मौका दिया गया और वह पहले ओवर में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर पगबाधा हो गए। यॉर्करमैन जसप्रीत बुमराह ने दूसरे ओवर में अंबाटी रायुडू और एन जगदीशन को लगातार गेंदों पर आउट कर दिया। बोल्ट ने तीसरे ओवर में फाफ डू प्लेसिस का विकेट ले लिया। जगदीशन को भी इस मैच में एकादश में जगह मिली थी। गायकवाड और जगदीशन का खाता नहीं खुला जबकि डू प्लेसिस ने एक और रायुडू ने दो रन बनाए।

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दूसरे ही ओवर में मैदान में उतरना पड़ गया। धोनी के करियर में संभवतः बहुत कम मौके आएंगे जब उन्हें दूसरे ओवर में बल्लेबाजी करने के लिए उतरना पड़ा हो। जडेजा सात रन बनाकर बोल्ट का तीसरा शिकार बने।

धोनी ने बुमराह की गेंदों पर दो चौके लगाए और लेग स्पिनर राहुल चाहर पर छक्का मारा लेकिन छक्का मारने के बाद अगली गेंद पर वह विकेटकीपर के हाथों लपके गए। धोनी ने 16 गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 16 रन बनाए और उनका विकेट 30 के स्कोर पर गिरा।

दीपक चाहर खाता खोले बिना 43 के स्कोर पर चाहर का दूसरा शिकार बने। चेन्नई के सात विकेट 43 रन तक गिर चुके थे और ऐसा लग रहा था कि चेन्नई के लिए 50 पार करना भी मुश्किल होगा कि करेन ने 47 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 52 रन बनाकर टीम को 114 तक पहुंचाया। उन्हें शार्दुल ठाकुर और इमरान ताहिर का अच्छा साथ मिला।