Crime

  • 30-Sep-2020
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वन्य जीव विशेषज्ञों ने कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर चौंकाने वाला दावा करते हुए चिंता जाहिर की है. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए पांच लाख शार्क (Shark) मार दी जाएंगी.
कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को बनाने के लिए शार्क का शिकार तेजी से किया जा रहा है. कई वन्य जीव विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस काम के लिए दुनियाभर में करीब पांच लाख से ज्यादा शार्कों (Sharks) को मारा जा सकता है. इन शार्कों को इनके लिवर में बनने वाले एक खास तेल स्क्वैलीन के लिए मारा जा रहा है. यह एक प्राकृतिक तेल है इसका इसका उपयोग बुखार के वैक्सीन की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए किया जाता है वर्तमान में कोरोना वायरस की वैक्सीन बना रहे कई निर्माता शार्क के तेल का उपयोग अपनी दवा को प्रभावी बनाने के लिए कर रहे हैं. हालांकि अभी तक शार्क के तेल से बनने वाली वैक्सीन के प्रभावी होने की पुष्टि नहीं हुई है. फिर भी शार्क के संरक्षण के लिए काम करने वाले समूह शार्क एलाइज ने दावा किया है कि अगर इस वैक्सीन को दुनियाभर के लोगों को दिया गया तो इसके लिए 2,40,000 शार्कों को मारा जा सकता है. हालांकि, कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि शार्क एलाइज के दिए गए आंकड़े बहुत कम हैं. कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन की 2 डोज संक्रमितों को दी जाती है. इस हिसाब से अगर सभी लोगों को शार्क के तेल से बना वैक्सीन दिया जाता है तो इसके लिए कम से कम 5 लाख शार्कों को मारना पड़ेगा. जो हमारे समुद्री पर्यावरण को खत्म कर देगा. शार्क एलीज़ के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक स्टेफ़नी ब्रेंडल ने कहा कि किसी जंगली जानवर से कुछ प्राप्त करना कभी भी टिकाऊ नहीं होगा. शार्क तो समुद्र के चरम शिकारी जीव है. यह प्रजनन भी बड़ी कम संख्या में करती है. यह महामारी कितने दिनों तक चलेगी इसका कोई अनुमान नहीं है. इसलिए अगर शार्कों का इसी तरह से शिकार होता रहा तो एक दिन ऐसा आएगा जब समुद्र से इनकी आबादी ही खत्म हो जाएगी. (news18)