Love Shayari
दिल में ना हो जुर्रत तो मोहब्बत नहीं मिलती
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती।
बहुत नायाब होते हैं 
जिन्हें हम अपना कहते हैं,
चलो तुमको इज़ाजत है 
कि तुम अनमोल हो जाओ।
जन्नत-ए-इश्क में हर बात
अजीब होती है,
किसी को आशिकी तो 
किसी को शायरी नसीब होती है।
रूबरू मिलने का मौका 
मिलता नहीं है रोज,
इसलिए लफ्ज़ों से तुमको 
छू लिया मैंने।
वो रख ले कहीं अपने 
पास हमें कैद करके,
काश कि हमसे कोई 
ऐसा गुनाह हो जाये।
मोहब्बत नाम है जिसका 
वो ऐसी क़ैद है यारों,
कि उम्रें बीत जाती हैं 
सजा पूरी नहीं होती।
संभाले नहीं संभलता है दिल,
मोहब्बत की तपिश से न जला,
इश्क तलबगार है तेरा चला आ,
अब ज़माने का बहाना न बना।
मुझ में लगता है 
कि मुझ से ज्यादा है वो,
खुद से बढ़ कर मुझे रहती है 
जरुरत उसकी।
कोई रिश्ता जो न होता, 
तो वो खफा क्यों होता?
ये बेरुखी, 
उसकी मोहब्बत का पता देती है।
राज़ खोल देते हैं 
नाजुक से इशारे अक्सर,
कितनी खामोश 
मोहब्बत की जुबान होती है।
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
कुछ ख़ास जानना है तो प्यार कर के देखो,
अपनी आँखों में किसी को उतार कर के देखो,
चोट उनको लगेगी आँसू तुम्हें आ जायेंगे,
ये एहसास जानना है तो दिल हार कर के देखो।
चाहत हुई किसी से तो फिर बेइन्तेहाँ हुई,
चाहा तो चाहतों की हद से गुजर गए,
हमने खुदा से कुछ भी न माँगा मगर उसे,
माँगा तो सिसकियों की भी हद से गुजर गये।
जरुरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो,
जरुरी तो नहीं हम जिनके हैं वो हमारा हो,
कुछ कश्तियाँ डूब भी जाया करती हैं,
जरुरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो।
हमारा ज़िक्र भी अब जुर्म हो गया है वहाँ,
दिनों की बात है महफ़िल की आबरू हम थे,
ख़याल था कि ये पथराव रोक दें चल कर,
जो होश आया तो देखा लहू लहू हम थे।
कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों की खातिर तूने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछौना मेरे पास,
पर तू ये बता कितनी रातें चैन से सोया है।
अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,
फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,
ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,
अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जिंदगी में कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
जो है पास आपके उसको सम्भाल कर रखना,
क्योंकि एक बार खोकर प्यार दोबारा नही मिलता।

समझने ही नहीं देती सियासत हम को सच्चाई,
कभी चेहरा नहीं मिलता कभी दर्पन नहीं मिलता।
फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,
आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।
बड़ी उदास है ज़िंदगी तेरे बिन नहीं है,
कुछ मेरे पास तेरे बिन अँधेरा हो या हो उजाला ..
आता नहीं कुछ बी रास तेरे बिन |
मुझे उदास देख कर उसने कहा ,
मेरे होते हुए तुम्हे कोई दुःख नहीं दे सकता ,
फिर कुछ ऐसा ही हुआ बाद में
जितने भी दुःख मिले सब उसी के हुए |
पहली मोहब्बत के लिए दिल जिसे चुनता है.
वो अपना हो न हो…
दिल पर राज हमेशा उसी का रहता है।
कर दे नज़रे करम मुझ पर,
मैं तुझपे ऐतबार कर दूँ,
दीवाना हूँ तेरा ऐसा,
कि दीवानगी की हद को पार कर दूँ,